कभी कभी
दिला बहला है तेरी यादों से तनहाईयों में कभी कभी
किनारों पर भी आकर डूबे हैं सफीने सागर में कभी कभी
सोचा था तेरी गलियों में अब ना आयेंगे हम कभी
फ़िर भी तेरी गलियों से होकर हम गुज़रे हैं कभी कभी
किया था ख़ुद से ये वादा के तुझे भूल जायेंगे हम
फ़िर भी तन्हाई में किया है हमने तुझे याद कभी कभी
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